बिल के समर्थन में 454 सांसदों ने किया मतदान, विरोध में मात्र दो मत
बेबाक दुनिया डेस्क
नई दिल्ली। नए संसद भवन में बुधवार को उस समय नया इतिहास रच दिया गया, जब महिला आरक्षण बिल लोकसभा से पास हो गया। अब बिल राज्य सभा से पास होगा, इसके बाद अधिसूचित होने के बाद कानून बन जाएगा।
लोकसभा से बिल को पास कराने के पहले तकरीबन आठ घंटे तक पक्ष और विपक्ष ने अपनी-अपनी बात रखी। इसके बाद पर्ची के माध्यम से मतदान कराया गया। मतदान के बाद बिल के समर्थन में 454 सांसदों ने मत डाले, वहीं दो लोगों ने विरोध में मत दिया। बहस के बाद शाम सात बजे वोटिंग कराई गई।
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम को छोड़कर सभी विपक्षी पार्टियों के सांसदों ने विधेयक के पक्ष में मतदान किया। मतदान से पहले गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, भाजपा के लिए महिला सशक्तिकरण निष्ठा और आस्था से जुड़ा संकल्प है। इससे पूर्व विधेयक पर चर्चा की शुरुआत कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने किया।
बहस के दौरान विपक्षी दलों ने विधेयक को लेकर कई सवाल भी उठाए, जिसमें अगले लोकसभा चुनाव में इसे लागू नहीं करने पर प्रश्न किया। कई पार्टियों ने पिछड़ों के साथ मुस्लिम आरक्षण की भी मांग उठाई। अब राज्य सभा से बिल सरकार पास कराएगी। राज्यसभा से बिल के न पास होने पर कोई सवाल बाकी नहीं रह गया है।
गृह मंत्री अमित शाह ने महिला आरक्षण बिल को युग बदलने वाला कहा। उन्होंने कहा, भाजपा के लिए महिला सशक्ति का दूसरे दलों की तरह चुनावी मुद्दा नहीं है। इस दौरान उन्होंने विपक्ष के विधेयक को तत्काल लागू नहीं करने जैसे कई प्रश्नों का भी उन्होंने जवाब दिया।
![]()

More Stories
ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग बाबा केदार के कपाट खुले
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया पर खुले
दून-सहारनपुर-मोहण्ड @ टनल रेल लाइन की गुजारिश