May 25, 2026

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बाधाओं की ‘गठरी’ के बीच 41 जिंदगियों की सांसों की डोर ’10’ कदम दूर

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15वें दिन प्रवेश कर गया सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन, इंतजार और बढ़ा

47 मीटर ड्रिलिंग के बाद अमेरिकन ऑगर मशीन में खराबी के बाद करीब दो दिन से ड्रिलिंग का कार्य बंद, आज से संभावना

बेबाक दुनिया ब्यूरो

उत्तरकाशी/देहरादून। सिलक्यारा सुरंग के अंदर 15 दिन से फंसे 41 मजदूरों का बाहर निकलने का इंतजार दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है।

कुछ घंटों पहले तक जहां ‘अब बाहर आए तब बाहर आए’ की गिनती शुरू हो गई थी, वहीं शुक्रवार शाम साढ़े चार बजे कुछ देर के लिए ड्रिलिंग का कार्य शुरू होने के बाद मशीन का बरमा टूटने और अन्य व्यवधान आने का जो सिलसिला शुरू हुआ है, वह रविवार दोपहर तक यूं ही जारी था। उधर, शुक्रवार दोपहर तक जहां रेस्क्यू कार्य को देख रहे शीर्ष अफसरान बस यही कहने लगे थे कि बस बहुत जल्द सभी 41 मजदूर बाहर निकल आएंगे, वहीं शनिवार को शाम तक कोई भी अधिकारी मीडिया से मुखातिब होने तक से कतराते रहे।

एनएचआईडीसीएल के महाप्रबंधक कर्नल दीपक पाटिल ने मशीन के आगे बार-बार लोहे की चीजें आने से ड्रिलिंग का कार्य प्रभावित होने की जहां बात कह रहे हैं, वहीं जल्द ही फिर से ड्रिलिंग का कार्य शुरू करने की भी बात कह रहे हैं। उन्होंने बताया, अभी तक 47 मीटर तक ड्रिलिंग हुई है। करीब दस मीटर तक और ड्रिलिंग होनी शेष है।

उनका कहना है कि भूस्खलन के मलबे में 25 मिमी की सरिया और लोहे के पाइप ड्रिलिंग में बाधा बने हुए हैं। उधर, बाहर आए कर्मचारियों ने बताया, भीतर गैस कटर से उठे धुएं की खुशबू मजदूरों तक पहुंची। उन्होंने माइक पर भीतर से ये जानकारी दी है। इससे 13 दिन से सुरंग में कैद मजदूरों का उत्साह बढ़ गया है।

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