यूक्रेन युद्ध का जिक्र होने के बावजूद रूस और चीन ने भी घोषणापत्र को दी मंजूरी
बेबाक दुनिया डेस्क/एजेंसी
नई दिल्ली। भारत ने शनिवार को जी 20 शिखर सम्मेलन में साझा घोषणापत्र में आम सहमति बनाकर अपनी कूटनीति का बेहतरीन परिचय पेश कर बड़े देशों को आश्चर्यचकित कर दिया है
शनिवार को सम्मेलन के दूसरे सत्र में हुई बैठक के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन में भाग ले रहे शीर्ष नेताओं को साझा घोषणापत्र पर सभी की सहमति की जानकारी देते हुए बताया कि इस साझा घोषणापत्र में सदस्यों ने अपनी रजामंदी दे दी है।
घोषणापत्र में यूक्रेन युद्ध की चर्चा होने के बावजूद रूस और चीन ने भी मंजूरी देकर भारत का साथ ही नहीं दिया, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को भी और आगे बढ़ाया है। इतना ही नहीं जहां चीन ने अपनी कुटिल चाल को किनारे रखकर भारत के साथ दोस्ताना रवैया आगे बढ़ाने की पहल को उजागर किया है, वहीं भारत का सदाबहार दोस्त रूस ने दोस्ती पर भी मुहर लगाई है।
सूत्रों का कहना है कि साझा घोषणापत्र भारत की बहुत बड़ी कूटनीतिक जीत है, क्योंकि इसमें यूक्रेन युद्ध के अलावा जलवायु परिवर्तन से जुड़े मुद्दों को भी शामिल करने पर पहले चीन और रूस लगातार आपत्ति जाता रहे थे, लेकिन अब सभी पक्षों ने घोषणापत्र पर आम सहमति प्रकट कर दी है।
सूत्रों का कहना है कि घोषणा पत्र में चार बार यूक्रेन युद्ध की चर्चा हुई, लेकिन रूस का नाम लेने से परहेज किया गया। उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन की शुरुआत में कहा, कोविड महामारी के बाद परस्पर विश्वास में आई कमी को यूक्रेन युद्ध ने और गहरा कर दिया है, जिसको हम सबको मिलकर दूर करना होगा। कहा, सभी की भलाई के लिए यह समय एक साथ चलने का है।
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