अभी समिति के सदस्यों के नामों का नहीं हुआ एलान, नाम घोषित होने के बाद ही जारी होगी अधिसूचना
बेबाक दुनिया डेस्क
नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने ‘एक देश एक चुनाव’ पर आगे बढ़ते हुए शुक्रवार को देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अगुवाई में एक समिति का गठन किया है।
बताया जाता है कि समिति के सदस्यों के नाम तय नहीं हुए हैं, लेकिन नाम तय होने के बाद इसकी अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। उधर, देश में एक साथ चुनाव कराने की चर्चाओं के बीच भाजपा ने अपने सहयोगी दलों से भी संपर्क साधते हुए जहां उनका मन टटोला, वहीं भाजपा नेताओं ने सहयोगी दलों से इस बाबत एक बयान जारी करने का भी अनुरोध किया है।
उधर, एक साथ देश में चुनाव कराने के लिए सरकार को काफी लंबी प्रक्रियाओं से भी गुजरना पड़ेगा और साथ ही विपक्षी हमलों से भी दोचार होना पड़ेगा। इतना ही नहीं इसके लिए सबसे पहले संविधान के पांच अनुच्छेदों में संशोधन भी करना होगा। साथ ही चुनाव के बाद त्रिशंकु जनादेश की स्थिति में सरकार बनाने और गिरने के बाद के विकल्पों को भी तलाशना होगा, जो काफी मुश्किल लगता है।
इसके अलावा बड़ी संख्या में अतिरिक्त इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन और पेपर ट्रेल मशीन की भी जरूरत पड़ेगी। उधर, इस बाबत राजनीतिक सूत्रों ने बताया कि इस मुद्दे पर बनाए जाने वाली समिति देश की सभी विधानसभाओं और लोकसभा क्षेत्रों में एक साथ चुनाव कराने की संभावना भी तलाशेगी।
समिति सभी संबंधित पक्षों से विचार विमर्श करेगी और इसके बाद ही केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। इस रिपोर्ट के बाद ही तय होगा कि चुनाव एक साथ कराना संभव होगा या नहीं। ज्ञात हो कि देश में 1967 से पहले तक मिलकर ही चुनाव होते थे।
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