मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री वीके सिंह भी सिलक्यारा पहुंचे
बेबाक दुनिया ब्यूरो
देहरादून। बृहस्पतिवार का दिन उत्तरकाशी जिले के सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों के लिए नई रोशनी लेकर आया है। अब ड्रिलिंग और फंसे मजदूरों के बीच कुछ कदम की ही दूरियां शेष बची हैं। मजदूरों के बाहर निकलने के दौरान इस्तकबाल करने के लिए जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौके पर डटे हुए हैं, वहीं दिल्ली से केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल (सेनि) वीके सिंह भी पहुंच गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, दिन में ड्रिलिंग मशीन के आगे सरिया की बाधा के बाद पत्थर आ गया था, जिसको दूर कर ड्रिलिंग शुरू कर दी गई थी। अब तक 54 मीटर ड्रिलिंग हो चुकी थी और पांच से छह मीटर ड्रिलिंग ही बाकी थी। इसके लिए छह-छह मीटर के दो पाइप अंदर प्रवेश कराने बाकी हैं। फिलहाल कुछ खराबी के चलते अभी मशीन बंद की गई है, जो जल्द शुरू होगी।
उधर, एनडीआरएफ के महानिदेशक अतुल करवाल ने सिलक्यारा में मीडिया से बातचीत में कहा, आखिरी पाइप को बेल्ड कर दिया गया है, अगर कोई बाधा नहीं आई तो बृहस्पतिवार देर शाम तक या थोड़ी रात या ऑपरेशन सिलक्यारा पूरा कर लिया जाएगा। कहा, पाइप के आरपार होने के बाद पहले उनके जवान निरीक्षण करेंगे, इसके बाद पहियों वाले स्ट्रेचर से मजदूरों को बाहर निकाला जाएगा
बचाव अभियान से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, बुधवार की रात ऑगर मशीन के सामने जो सरियों की बाधा आई थी, उसको एनडीआरएफ की टीम की मदद से उसे रात करीब तीन बजे हटा दिया गया था। उधर, मजदूरों के बाहर निकलने के बाद उनके स्वास्थ्य परीक्षण को लेकर एम्स ले जाने के लिए बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे चिनूक हेलिकॉप्टर भी चिन्यालीसौड हवाई अड्डे पर पहुंच गया।
मजदूरों को एयरलिफ्ट करने पर मदद करने के लिए चिनुक पूरी तरह से तैयार। चिनूक की क्षमता 30-35 लोगों की है। वहीं, मुख्यमंत्री धामी और केंद्रीय मंत्री वीके सिंह सुरंग के अंदर जाकर जहां मौका मुआयना किया, वहीं अंदर फंसे मजदूरों से भी बातचीत की।







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