May 7, 2026

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राज्यपाल और विस अध्यक्ष ने कन्याओं का किया पूजन

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नवरात्र की अष्टमी पर दोनों ने कन्या पूजने के साथ प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की भी कामना की

बेबाक दुनिया ब्यूरो

देहरादून। शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर रविवार को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने जहां राजभवन में कन्या पूजन किया, वहीं पौड़ी जिले के कोटद्वार में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने भी कन्या पूजन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

उत्तराखंड विधानसभा ऋतु खंडूड़ी भूषण ने अपने विधानसभा क्षेत्र कोटद्वार के जगदीशपुरम स्थित शिवशक्ति मंदिर में शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर रविवार को पूरे विधि विधान से कन्या पूजन कर आदि शक्ति भगवती की अष्टमी पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

उधर, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) और प्रथम महिला गुरमीत कौर ने नवरात्र की दुर्गा अष्टमी पर राजभवन में कन्या पूजन किया। इस दौरान राज्यपाल ने प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। कहा, यह पर्व मातृ-शक्ति के सम्मान से जुड़ा है, जिसमें कन्या पूजन का महत्व होता है। कहा, भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति का कितना बड़ा महत्व है, यह हमें दुर्गा पूजन से ज्ञात होता है।

कहा, मातृ शक्ति का सम्मान और पूजन सिर्फ नवरात्रों में नहीं, बल्कि हर दिन करने का संकल्प लेना चाहिए। उधर, कोटद्वार के जगदीशपुरम स्थित शिव शक्ति मंदिर में अष्टमी पर विस अध्यक्ष भूषण ने पूजा अर्चना कर कन्याओं को भोजन कराकर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर महिला मोर्चा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पास होने और कानून बनने पर महिला सम्मेलन आयोजित किया।

इस मौके पर विस अध्यक्ष ने कहा, इस बिल के आने से जहां नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व और मजबूत होगा, वहीं इनके सशक्तीकरण के एक नए युग की शुरुआत होगी। यह सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि इसके जरिए राष्ट्र निर्माण में अमूल्य भागीदारी निभाने वाली देश की माताओं, बहनों और बेटियों को उनका अधिकार मिला है।

कहा, मोदी सरकार के इस ऐतिहासिक कदम से जहां करोड़ों महिलाओं की आवाज और बुलंद होगी, वहीं शक्ति, साहस और सामर्थ्य को एक नई पहचान मिलेगी। कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिल के माध्यम से महिलाओं को सशक्त करने का कार्य किया है। कहा, प्रधानमंत्री मोदी की कथनी और करनी में कोई फर्क नहीं, आज वे महिलाओं को ऐसे पदों पर बैठने का प्रयास कर रहे, जिससे महिला देश के विकास में निर्णायक भूमिका निभाए और पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चले।

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