राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मौजूदगी में पुलिस लाइन देहरादून में भव्य राज्य स्थापना दिवस कार्यक्रम संपन्न
बेबाक दुनिया ब्यूरो
देहरादून। नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को अनुमति प्रदान करते समय मुझे विशेष प्रसन्नता हुई थी, क्योंकि एक्ट उत्तराखंड सहित देश की बहनों-बेटियों के लिए राष्ट्र-निर्माण में उच्च-स्तरीय योगदान देने हेतु मार्ग प्रशस्त करता है।
उपरोक्त बात उत्तराखंड राज्य स्थापना के 23 साल पूर्ण होने के अवसर पर पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कही। राज्य स्थापना की साल गिरह पर समस्त उत्तराखंडवासियों को बधाई देते हुए कहा, उत्तराखंड की यह भूमि वीरों को जन्म देने वाली धरती है। स्वाधीनता के बाद के सभी युद्धों में यहां के वीरों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है। कहा, सेना में शामिल होकर भारत माता की रक्षा करने में यहां के युवा गर्व की अनुभूति करते हैं। राष्ट्र की रक्षा के प्रति उत्साह का भाव सभी देशवासियों के लिए अनुकरणीय है।


कहा, हमारी थल सेना के दो रेजीमेंट्स कुमाऊं एवं गढ़वाल रेजीमेंट का नाम उत्तराखंड के क्षेत्रों के आधार पर रखा गया है। यह उत्तराखंड की शौर्य परंपरा को रेखांकित करता है। कहा, भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ बिपिन रावत इसी धरती के सपूत थे। वर्तमान चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान भी उत्तराखंड के ही निवासी हैं।
कहा, राज्य गठन के बाद नई पहचान के साथ उत्तराखंड के परिश्रमी लोगों ने राज्य के लिए विकास और प्रगति के नित-नूतन शिखरों पर कदम जमाए हैं। भगवान शिव और भगवान विष्णु के आशीर्वाद स्वरूप देवालयों से पवित्र उत्तराखंड को देवभूमि कहने की परंपरा वंदनीय है। यह क्षेत्र जय महाकाली और जय बदरी-विशाल के उद्घोष से गुंजायमान रहता है। कहा, यहां आने का हर अवसर तीर्थ-यात्रा का पुण्य प्राप्त करने की तरह होता है।
कहा, उत्तराखंड की अलग पहचान और स्थापना के लिए संघर्ष करने वाली सुशीला बलूनी नारी में संघर्ष की शक्ति के उदाहरण के रूप में सदैव स्मरण रहेंगी। कहा, बिशनी देवी शाह ने स्वाधीनता संग्राम के दौरान असाधारण साहस का परिचय दिया था। राष्ट्रपति ने बछेन्द्री पाल, गौरा देवी से लेकर हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया तक का जिक्र किया।
कहा, उत्तराखंड में इन्फ्रस्ट्राक्चर डेवलपमेंट तेज गति से हो रहा है। साथ ही आपदा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उत्तराखंड में हो रही बहुआयामी प्रगति से निवेशकों में उत्साह बढ़ रहा है। निवेशकों में उत्तराखंड के प्रति बढ़ते उत्साह को कार्यरूप देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से उत्तराखंड के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कहा, राष्ट्रपति की गरिमामयी उपस्थिति से पूरा उत्तराखंड उल्लासित हुआ है। कहा, हम डिजिटल क्रांति के युग में आगे बढ़ रहे हैं। साइबर सिक्योरिटी हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इस दिशा में नई से नई टेक्नोलॉजी को सुरक्षा उपायों में शामिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। महिला सुरक्षा, बालिका सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए अपराधों पर नियंत्रण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कहा, आज उत्तराखंड विकास के कई पैमानों पर देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। कहा, यहां की इस पवित्र धरती पर देश-विदेश के कोने-कोने से लोग यात्रा करने आते हैं। आदि कैलाश और जागेश्वर धाम में प्रधानमंत्री के भ्रमण से मानसखण्ड क्षेत्र को देश और दुनिया में एक नई पहचान मिली है। कहा, सीमांत गांव हमारे देश के पहले गांव बन गए हैं। इनका इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कहा, उत्तराखंड आर्थिक प्रगति की दिशा में तेज गति से बढ़ रहा है। राज्य की विकास दर और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हो रही है। कहा, हमारी जिम्मेदारी है कि विकास का समान लाभ गरीबों, वंचितों, किसानों और दूर-दराज के क्षेत्रों में रह रही माताओं, बहनों, युवाओं तक पहुंचे।
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